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संगठनात्मक ढ़ाँचा शासन स्तर निदेशालय स्तर

 

 

 

सूचना का अधिकार - 4(1)बी      
 

रेशम विकास विभाग (शासन स्तर)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

बिन्‍दु-(i) लोक प्राधिकरण की विशिष्टियाँ, कृत्य एवं कर्तव्य
बिन्‍दु-(ii) रेशम विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य
बिन्‍दु-(iii) विनिश्चय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रक्रिया, जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलत हैं
बिन्‍दु-(iv) अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा निर्धारित मापमान
बिन्‍दु-(v) अपने द्वारा या अपने नियंत्रणाधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किये गए नियम, विनिमय, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख
बिन्‍दु-(vi) ऐसे दस्तावेजों की श्रेणी का विवरण जो उनके द्वारा धारित किये गए है अथवा नियंत्रण में है।
बिन्‍दु-(vii) लोक प्राधिकरण में नीति निर्धारण अथवा उसके कार्यान्वयन हेतु जनप्रतिनिधियों से लिये जाने वाले परामर्श या उनके द्वारा दिए जाने वाले अभ्यावेदन की व्यवस्था का विवरण
बिन्‍दु-(viii) बोर्ड, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के विवरण जिसमें दो अथव दो से अधिक व्यक्ति हों और जिसकी स्थापना इसके भाग के रूप में अथवा इसकी सलाह के प्रयोजन के लिए की गयी हो, और यह विवरण कि क्या इन बोर्डों, परिषदों, समितियों तथा अन्य निकायों कि बैठक लोगों के लिए खुली है, अथवा ऐसी बैठक के कार्यवृत्त लोगों के लिए सुलभ हैं
बिन्‍दु-(ix) लोक प्राधिकरण में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों की निदर्शिनी
बिन्‍दु-(x) अपने प्रत्येक अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक जिसमें उसके विनियमों में यथा उपबंधित प्रतिकर की प्रणाली सम्मिलित हो
बिन्‍दु-(xi) सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किये गए संवितरण पर रिपोर्टो की विशिष्टियां उपदर्शित करते हुए आवंटित बजट
बिन्‍दु-(xii) सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमे आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों के ब्यौरे सम्मिलित हैं
बिन्‍दु-(xiii) संगठन द्वारा प्रमुख रियायतों, अनुज्ञा पत्रों या प्राधिकारों के प्राप्तकर्ताओं की विशिष्टियां
बिन्‍दु-(xiv) सूचना अभिप्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टियाँ जिसमें किसी पुस्तकालय या वचन कक्ष के, यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित हैं तो, कार्यकरण घंटे सम्मिलित हैं
बिन्‍दु-(xv) लोक प्राधिकरण में इलेक्ट्रोनिक के रूप में उपलब्ध सूचना का विवरण
बिन्‍दु-(xvi) लोक प्राधिकरण में नामित जन सूचना अधिकारी का विवरण

 

              उत्तर प्रदेश में रेशम का इतिहास 1847 से प्रारम्भ होता है। सर्वप्रथम कैप्टन हालिंग नामक अंग्रेज सेना अधिकारी के द्वारा लखनऊ में रेशम कीटपालन का कार्य किया गया। कैप्टन हालिंग के बाद रेशम कीटों की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। वर्ष 1861 में एग्रो हार्टीकल्चर सोसाइटी ने डा० वोनाविया द्वारा लखनऊ बादशाह बाग में शहतूत का वृक्षारोपण कराया गया, जिस पर रेशम कीटपालन कार्य किया गया। वर्ष 1871 में देहरादून का नाम रेशम उद्योग में आया। ऐसा माना जाता है कि इसके पूर्व भी रेशम का कार्य यहाँ पर होता रहा था, परन्तु इतिहास में कहीं पर वर्णन नहीं आता है।

             सन् 1948 में देश की आजादी के पश्चात् यूनाईटेड प्रोविंस (उ०प्र०)  में यह कार्य वन विभाग द्वारा लगाये गये वृक्षारोपण के आधार पर कुटीर उद्योग निदेशालय के अन्तर्गत एक स्कीम के रूप में आरम्भ किया गया। पहला रेशम उत्पादन केन्द्र, डोईवाला, जनपद देहरादून (वर्तमान में उत्‍तरांचल राज्य में) में वर्ष 1948 में खोला गया। पुनश्च रेशम उद्योग से सम्बन्धित कार्य वर्ष 1987 तक हथकरघा निदेशालय एवं हथकरघा निगम, कानपुर के अधीन था, परन्तु प्रदेश में रेशम उद्योग की सम्भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1987 में प्रदेश सरकार द्वारा एक अलग "रेशम निदेशालय" की स्थापना का निर्णय लिया गया। वर्ष 1988 से रेशम निदेशालय द्वारा लखनऊ में विधिवत रूप से कार्य किया जा रहा है।

कार्य दिवस                              --           सोमवार से शुक्रवार (अवकाश दिवस को छोड़कर)

कार्यालय समय                       --            प्रात: 9.30 बजे से सायं 6.00 बजे तक

विभागीय वेबसाइट                  --           http://sericulture.up.nic.in

 

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धाा 4(1)बी के अन्तर्गत रेशम विकास विभाग से सम्बन्धित 16 सूचनाओं की श्रेणियों के सम्बन्ध में विवरण।

(i) लोक प्राधिकरण की विशिष्टियाँ, कृत्य एवं कर्तव्य

  (अ) विशिष्टियां

              कृषि एवं वनीकरण पर आधारित ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग धन्धों में रेशम उत्पादन कार्यक्रमों का अग्रणी स्थान है। उत्तर प्रदेश की शस्य श्यामला उर्वरा भूमि, भौगोलिक स्थिति, जलवायु एवं जैव विविधता इस उद्योग हेतु सर्वथा अनुकूल एवं उपयुक्त है। यह उद्योग श्रमजनित एवं प्रदूषण रहित है। वर्ष 1988 से पूर्व रेशम उद्योग से सम्बन्धित योजनाओं एवं परियोजनाओं का क्रियान्वयन खादी, ग्राम्य कुटीर एवं रेशम विभाग के सुपुर्द था। चूँकि रेशम उद्योग में वृक्षारोपण, उसका रख-रखाव, रेशम कीटपालन तथा धागाकरण जैसी प्रक्रियाएं सम्मिलित हैं। अत: रेशम उद्योग की सम्भावनाओं के अनुरूप विकास हेतु अलग से रेशम विकास विभाग की स्थापना की गयी।

                 वर्तमान में रेशम विकास विभाग द्वारा ग्रामीण ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं अन्य पिछड़े खेतिहर मज़दूरों तथा नक्सल प्रभावित जनपदों यथा- चन्दौली, मीरजापुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर में संचालित विभिन्न रेशम योजनाओं के माध्यम से कृषकों को स्थानीय स्तर पर ही स्वरोज़गार एवं अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने हेतु रेशम उत्पादन की योजना क्रियान्वित की जा रही है। विभाग द्वारा प्रदेश में रेशम उत्पादन को व्यवस्थित रूप से विकसित किये जाने हेतु निजी क्षेत्र की सहभागिता प्राप्त करने पर भी गम्भीरता से विचार किया जा रहा है, जिसमें पोस्ट-ककून सेक्टर के कार्यक्रम प्रमुख हैं। रेशम उद्योग के अन्तर्गत शहतूत, अर्जुन, अरण्डी की खेती को बढ़ावा देते हुए तीनों प्रकार के रेशम उत्पादन से जुड़े क्रिया-कलापों हेतु श्रंखलाबद्ध कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

                    रेशम उत्पादन से जुड़े कार्यक्रमों में रेशम कीट के खाद्य वृक्षों का पौध उत्पादन, वृक्षारोपण, पत्ती उत्पादन, शिशु/चाकी कीटपालन, उत्तरावस्था कीटपालन, कोया उत्पादन तथा पोस्ट-ककून के अन्तर्गत धागाकरण, ट्यूस्टेड रेशम वस्त्रों का उत्पादन, रंगाई, छपाई एवं विपणन आदि प्रमुख क्रिया-कलाप सम्मिलित हैं।

                      प्रदेश में तीन प्रकार के रेशम - शहतूती, टसर एवं अरण्डी रेशम का उत्पादन किया जा रहा है। शहतूती रेशम का उत्पादन ज्‍यादातर तराई, पूर्वांचल तथा पश्चिम के जनपदों में किया जा रहा है तथा टसर रेशम का उत्पादन बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्यांचल के क्षेत्र में तथा अरण्डी रेशम का उत्पादन यमुना नदी के किनारे कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, हमीरपुर, चित्रकूट आदि जनपदों में किया जा रहा है।

(ब) कृत्य एवं कर्त्तव्य

1. निदेशक, रेशम निदेशालय, उत्‍तर प्रदेश संगठन के समूह 'क' तथा 'ख' के राजपत्रित अधिकारियों का अधिष्ठान सम्बन्‍धी कार्य।

2. निदेशक, रेशम निदेशालय, उत्‍तर प्रदेश संगठन के श्रेणी- 'क', 'ख', 'ग', 'घ' से सम्बन्धित सेवा नियमावलियों का प्रख्यापन/संशोधन।

3. वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकारों का प्रतिनिधायन।

4. रेशम संगठन के अधिकारियों/कर्मचारियों के संघों की मान्यता तथा उनकी समस्याओं का समय-समय पर अनुश्रवण।

5. रेशम संगठन के समूह 'ग' तथा 'घ' से सम्बन्धित प्रत्यावेदन/अपीलीय समस्त मामले।

6. रेशम संगठन से सम्बन्धित श्रेणी- 'क', 'ख', 'ग', 'घ' कार्मिकों के मा० उच्चतम न्यायालय/ उच्च न्यायालय/लोक सेवा अधिकरण से सम्बन्धित मामले।

7. उत्तरांचल राज्य की स्थापना के उपरान्त विभागीय/परिसम्पत्तियों आदि से सम्बन्धित कार्य।

8. रेशम निदेशालय से सम्बन्धित आयोजनेत्तर पक्ष से संबंधित आय-व्ययक सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

9. रेशम विकास विभाग से सम्बन्धित आयोजनागत योजनाओं एवं उनसे सम्बन्धित आय-व्ययक सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

10. विभागीय कार्य पूर्ति दिग्दर्शक बजट सामग्री सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

11. मा० वित्त मंत्री जी के बजट भाषण हेतु विभागीय सामग्री हेतु समस्त कार्य।

12. मा० राज्यपाल के अभिभाषण हेतु सामग्री सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

13. ड्राफ्ट पैरा/आडिट पैराज/आडिट आपत्तियों सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

14. रेशम विकास विभाग से सम्बन्धित लोकसभा/राज्यसभा प्रश्न/ विधानसभा/विधानपरिषद प्रश्न सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

15. रेशम विकास विभाग से सम्बन्धित विधानसभा/ विधान परिषद कार्य संचालन नियमावली के अर्न्तगत विभिन्न नियमों के अन्तर्गत पूंछी गयी सूचनाओं सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

16. रेशम विकास विभाग से सम्बन्धित आश्वासन/याचिकाओं सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

17. रेशम विकास से सम्बन्धित विभिन्न बैठकों से सम्बन्धित सूचनाओं का प्रेषण तथा उक्त आयोजित बैठक में लिये गये निर्णयों पर विभागीय अनुपालन सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

18. वित्त/नियोजन विभाग द्वारा मांगी गई मासिक/त्रैमासिक/अर्द्धवार्षिक/वार्षिक सूचनाओं का प्रेषण सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

19. रेशम विकास विभाग संगठन के अन्तर्गत अस्थाई पदों का सृजन/निरन्तरता तथा स्थायीकरण सम्बन्‍धी समस्त कार्य।

20. सचिवालय स्तर पर निष्पादित होने वाले विविध कार्य।

(स) रेशम विकास विभाग का प्रशासकीय ढाँचा शासन स्तर पर निम्नानुसार है -

कृषि उत्पादन आयुक्‍त

प्रमुख सचिव/सचिव

विशेष सचिव

संयुक्त सचिव

अधीनस्थ स्टाफ

(द) रेशम विकास विभाग में एक ही अनुभाग है। अत: बिन्दु-(i) 'ब' के अन्तर्गत समस्त कार्यों का सम्पादन

 

(ii) रेशम विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियां और कर्तव्य

  (अ) शक्तियां

                    विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में प्राविधानित धनराशि की स्वीकृति विभाग के प्रमुख सचिव के अनुमोदन से प्रदान की जाती है। जनपद स्तर पर संचालित होने वाली योजनाओं की वित्‍तीय स्वीकृति प्रदान कर धनराशि सम्बन्धित निदेशक, रेशम के निवर्तन पर रखा जाता है।

(ब) निर्णय स्तर
अनुभाग

प्रथम स्तर

द्वितीय स्तर

तृतीय स्तर

चतुर्थ स्तर

रेशम विकास अनुभाग

(दो अनुभाग)

श्री अरविन्‍द कुमार, अनु सचिव

रेशम विकास अनुभाग का समस्त कार्य

श्री हरि शंकर भट्ट, संयुक्‍त सचिव

श्री भवनाथ

विशेष सचिव

 

 

श्री मुकुल सिंहल,
प्रमुख सचिव

 

             समीक्षा अधिकारी के द्वारा पत्रावली अनुभाग अधिकारी को प्रस्तुत की जाती है। अनुभाग अधिकारी द्वारा पत्रावली अनु सचिव को प्रेषित की जाती है। अनु सचिव द्वारा पत्रावली संयुक्‍तसचिव/विशेष सचिव के माध्यम से प्रमुख सचिव के निर्णय हेतु प्रेषित की जाती है।

 

(iii) विनिश्चय करने की प्रक्रिया में पालन की जाने वाली प्रक्रिया, जिसमें पर्यवेक्षण और उत्तरदायित्व के माध्यम सम्मिलत हैं

 


                सचिवालय मैनुअल, उ०प्र० (बंटवारा) नियमावली, 1975 के अन्तर्गत, आवंटित कार्य के अनुसार यथा आवश्यक विनिश्‍चय करने की प्रक्रिया निम्न प्रकार है:-

मा० विभागीय मन्त्री

कृषि उत्पादन आयुक्‍त

प्रमुख सचिव

विशेष सचिव

संयुक्त सचिव

अधीनस्थ स्टाफ

 

(iv) अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए स्वयं द्वारा निर्धारित मापमान

   

सचिवालय मैनुअल में दिये गये दिशा-निर्देशों एवं मापदण्ड का निर्वहन किया जाता है।

 

(v) अपने द्वारा या अपने नियंत्रणाधीन धारित या अपने कर्मचारियों द्वारा अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए प्रयोग किये गए नियम, विनिमय, अनुदेश, निर्देशिका और अभिलेख

 


1.  सचिवालय नियम संग्रह, वित्‍तीय हस्त-पुस्तिका, उत्‍तर प्रदेश सरकारी सेवा अनुशासन एवं अपील, नियमावली-1999 ।

2.  उत्‍तर प्रदेश रेशम उद्योग नियमावली-1993 ।

3.  अनुशासनिक कार्यवाही विषयक नियमों/आदेशों का नवीन संकलन, अनुशासनिक कार्यवाही विषय पर कार्मिक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों की अद्यावधिक पुस्तक, भाषा प्रकाशन अनुभाग, उ० प्र० शासन द्वारा प्रकाशित।

 

(vi) ऐसे दस्तावेजों की श्रेणी का विवरण जो उनके द्वारा धारित किये गए हैं अथवा नियंत्रण में हैं।

 

 

इस सम्बन्ध में विवरण बिन्दु संख्या- (iv) व (v) में दिया जा चुका है।

 

(vii) लोक प्राधिकरण में नीति निर्धारण अथवा उसके कार्यान्वयन हेतु जनप्रतिनिधियों से लिये जाने वाले परामर्श या उनके द्वारा दिए जाने वाले अभ्यावेदन की व्यवस्था का विवरण

   

            रेशम विकास विभाग को आवंटित कार्य इस प्रकृति का नहीं है, जिसमें इनकी आवश्यकता पड़ती है।

(viii) बोर्ड, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के विवरण जिसमें दो अथवा दो से अधिक व्यक्ति हों और जिसकी स्थापना इसके भाग के रूप में अथवा इसकी सलाह के प्रयोजन के लिए की गयी हो, और यह विवरण कि क्या इन बोर्डों, परिषदों, समितियों तथा अन्य निकायों कि बैठक लोगों के लिए खुली है, अथवा ऐसी बैठक के कार्यवृत्त लोगों के लिए सुलभ हैं

   

            रेशम विकास विभाग में परामर्श देने के उद्देश्य से कोई भी कमेटी, बोर्ड या अन्य संस्था गठित नहीं है।

 

(ix) लोक प्राधिकरण में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों की निदर्शिनी

 


रेशम विकास विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की निदर्शिनी निम्नवत् है:-
क्र० सं०

अधिकारी/कर्मचारी का नाम

पदनाम

एस० टी० डी०

दूरभाष संख्या

कार्यालय का पता

कार्यालय

आवास

1. श्री प्रदीर भटनागर कृषि उत्पादन आयुक्त 0522 2238145/2238082 2213004/2238393 - बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ
2. श्री मुकुल सिंहल प्रमुख सचिव 0522 2237157 - बापू भवन, द्वितीय तल, कक्ष सं०−224, 225, उ०प्र० शासन, लखनऊ
3. श्री भवनाथ विशेष  सचिव 0522 2238878    उ०प्र० शासन, लखनऊ
4. श्री हरि शंकर भट्ट संयुक्‍त सचिव 0522 2213846   कक्ष सं०-318, त़तीय तल एनेक्सी सचिवालय, उ०प्र० शासन, लखनऊ

अनुभाग
1. श्री प्रभात कुमार श्रीवास्तव समीक्षा अधिकारी 0522 2213051   हाल नम्बर-17, प्रथम तल बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ
2. श्री राजाराम राठौर समीक्षा अधिकारी 0522 2213051   हाल नम्बर-17, प्रथम तल बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ
3. श्री शिव शरण समीक्षा अधिकारी 0522 2213051   हाल नम्बर-17, प्रथम तल बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ
4. श्री सत्येन्द्र कुमार कम्प्यूटर सहायक  0522 2213051   हाल नम्बर-17, प्रथम तल बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ
5. श्रीमती आशा देवी अनुसेविका 0522 2213051    हाल नम्बर-17, प्रथम तल बहुखण्डी भवन, उ०प्र० शासन, लखनऊ

 

(x) अपने प्रत्येक अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक जिसमें उसके विनियमों में यथा उपबंधित प्रतिकर की प्रणाली सम्मिलित हो

 


रेशम विकास विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों मासिक पारिश्रमिक निम्नवत् है:-
क्र० सं०

अधिकारी/कर्मचारी का नाम

पदनाम

                                         वेतन

वेतन बैण्ड

ग्रेड वेतन

1. श्री मुकुल सिंहल प्रमुख सचिव
2. श्री भवनाथ सिंह विशेष सचिव -- --
3. श्री हरि शंकर भट्ट संयुक्‍त सचिव -- --

अनुभाग
1. श्री प्रभात कुमार श्रीवास्तव समीक्षा अधिकारी 9300 - 34800  
2. श्री राजाराम राठौर समीक्षा अधिकारी 9300 - 34800  
3. श्री शिव शरण समीक्षा अधिकारी 9300 - 34800  
4. श्री सत्येन्द्र कुमार समीक्षा अधिकारी 9300 - 34800  
5. श्रीमती आशा देवी अनुसेविका 4440 - 7440  

 

(xi) सभी योजनाओं, प्रस्तावित व्ययों और किये गए संवितरण पर रिपोर्टो की विशिष्टियां उपदर्शित करते हुए आवंटित बजट

   

वित्‍तीय वर्ष (2014-15) हेतु

क्र० सं०

योजना

प्राविधानित धनराशि

(हजार में)

लेखानुदान के माध्यम से प्रथम चार माह हेतु स्वीकृत धनराशि

(हजार में)

स्वीकृति प्रतिशत में

1. कैटालिटिक विकास योजना      
2. रेशम कीटाण्ड विकास योजना (सामान्य)      
3. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रेशम उत्पादन द्वारा रोज़गार सृजन (अनसूचित जाति सब प्लान)   4360.00  
4. एरी रेशम विकास योजना (अनसूचित जाति सब प्लान)  

 

 
 

योग :-

 

4360.00

 

टिप्पणी:

(xii) सहायिकी कार्यक्रमों के निष्पादन की रीति जिसमे आवंटित राशि और ऐसे कार्यक्रमों के लाभार्थियों के ब्यौरे सम्मिलित हैं

   
कोया उत्पादक

(लाभार्थी)

इकाई

वार्षिक लक्ष्य (2013-14)

उपलब्धि

उपलब्धि का प्रतिशत

अ- शहतूती संख्या 15250 16660 109.25
ब- टसर संख्या 2100 1625 77.38
स- एरी संख्या 3550 3529 99.41
 

योग :-

20900

21814

104.37 %

 

 

(xiii) संगठन द्वारा प्रमुख रियायतों, अनुज्ञा पत्रों या प्राधिकारों के प्राप्तकर्ताओं की विशिष्टियां

   

            रेशम विकास विभाग द्वारा वृक्षारोपण, कीटपालन गृह, कीटपालन उपकरण एवं रीलिंग इकाईयों की स्थापना आदि पर रियायतें प्रदान की जाती हैं तथा इसके अतिरिक्त न्यूनतम मूल्य पर रेशम कीट की आपूर्ति कृषकों को की जाती है। उक्त का विवरण निदेशालय स्तर पर रखा जाता है ।

 

(xiv) लोक प्राधिकरण में इलेक्ट्रोनिक के रूप में उपलब्ध सूचना का विवरण

 
               विभागीय सूचना वेबसाइट http://sericulture.up.nic.in  पर उपलब्ध है।

 

(xv) सूचना अभिप्राप्त करने के लिए नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की विशिष्टियाँ जिसमें किसी पुस्तकालय या वचन कक्ष के, यदि लोक उपयोग के लिए अनुरक्षित हैं तो, कार्यकरण घंटे सम्मिलित हैं

 


          सूचना जन सामान्य को उपलब्ध कराने हेतु रेशम विकास विभाग के अन्तर्गत एक जन सूचना अधिकारी नामित है और जन सूचना अधिकारी से प्राप्त तथ्यों के निस्तारण का कार्य विभाग के अनुभाग (एक ही अनुभाग) के अन्तर्गत सम्पादित किया जाता है।

           सूचना अभिप्राप्त करने के लिए आने वाले नागरिकों को सोमवार से शुक्रवार (अवकाश दिवस को छोड़कर)/कार्यालय अवधि (प्रात: 9.30 बजे से सायं 6.00 बजे तक) में कार्यालय कक्ष में बैठाये जाने एवं सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत वांछित अभिलेख दिखाये जाने/उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

 

(xvi) लोक प्राधिकरण में नामित जन सूचना अधिकारी का विवरण

 

 
जन सूचना अधिकारी का नाम

पदनाम

कार्यालय का पता एवं दूरभाष संख्या आवासीय पता एवं दूरभाष संख्या

श्री हरि शंकर भट्ट

संयुक्‍त सचिव

कक्ष सं०-318, त़तीय तल एनेक्सी सचिवालय, उ०प्र० शासन, लखनऊ
फोन० - 0522-2213846

-

 

अपीलीय अधिकारी का नाम

पदनाम

कार्यालय का पता एवं दूरभाष संख्या आवासीय पता एवं दूरभाष संख्या

श्री भवनाथ

विशेष सचिव

उ०प्र० शासन, लखनऊ

फोन० - 0522-2238878
 

 

 

 
 

 

 

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