हमारे बारे में पृष्ठभूमि उद्देश्य
संगठनात्मक ढ़ाँचा शासन स्तर निदेशालय स्तर

 

 

 

विभाग की रणनीतियाँ      
 

 
  1. रेशम उद्योग में विकसित नवीन तकनीकियों का क्रमबद्ध कार्यान्वयन।

  2. रेशम उद्योग में जुड़े लाभार्थियों, विभागीय कार्मिकों एवं स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों को रेशम उद्योग में वृहद प्रशिक्षण का कार्यक्रम।

  3. रेशम उत्‍पादन के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी अनुश्रवण पर विशेष बल।

  4. रेशम उद्योग के विभिन्न कार्यक्रमों को निजी क्षेत्र में विकसित करना।

  5. ग्राम पंचायत से लेकर विकासखण्ड, जिला प्रशासन, ग्रामीण विकास, वन विभाग, हथकरघा विभाग, खादी, नहर/सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग, सी-मैप, केन्द्रीय रेशम बोर्ड इत्यादि के सहयोग से रेशम उद्योग को बढ़ावा दिया जाना।

  6. राजकीय प्रक्षेत्र की खाली पड़ी भूमि पर एवं 15 से 20 वर्ष पुराने अनुत्पादक शहतूत पौधों को हटाकर उनके स्थान पर नव विकसित उन्नत किस्म के शहतूत पौध (जैसे एस-146, एस-1, वी-1 इत्यादि) का रोपण कर रेशम कोया उत्पादन में वृद्धि।

  7. तराई एवं मैदानी क्षेत्र (चम्बल घाटी से लगे क्षेत्र जैसे इटावा/औरैया) में "सेरीटैक्नालॉजी फार्म" की स्थापना जहाँ किसान अथवा उद्यमी रेशम उद्योग के समस्त कार्यक्रमों, जो आधुनिकतम तकनीकी पर आधारित होगा, को देखकर विभागीय गतिविधियों को समझ सकें।

 

 

 

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