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विकास की सम्भावनाएं      
 

 
  1. देश में एवं उत्तर प्रदेश में रेशम धागे की मांग में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। उत्तर प्रदेश रेशमी वस्त्रों के उत्पादन में अग्रणी है, जबकि रेशम धागे का उत्पादन मांग की तुलना में अपेक्षाकृत काफी कम है।

  2. प्रदेश की जलवायु, सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में रेशम धागे के उत्पादन की प्रबल सम्भावनायें निहित हैं।

  3. हिमालय की तलहटी क्षेत्र एवं देहरादून से सटे सहारनपुर/बिजनौर क्षेत्र में उच्चकोटि के बाईवोल्टीन प्रजाति का कोया उत्पादन कर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के रेशम धागे का उत्पादन किया जा सकता है।

  4. प्रदेश में उच्चकोटि के रेशम धागे के उत्पादन से न केवल स्थानीय मांग की पूर्ति की जा सकती है, वरन् भारत के बढ़ते निर्यात में भी योगदान दिया जा सकता है।

  5. परम्परागत खेती के साथ-साथ शहतूत की खेती भी अपनाने से कृषकों को अपने घर पर ही रेशम उद्योग से रोजगार प्राप्त होता है।

 

 

 

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